400 पार से पहले 2 लाख करोड़ पार…चुनावों के बीच भर गया मोदी सरकार का खजाना, GST ने रचा इतिहास

लोकसभा चुनावों के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए बड़ी गुड न्यूज आई है, चुनाव के बीच केंद्र सरकार को GST के मोर्चे पर बड़ी लगातार सफलता मिली है, वितीय वर्ष 2024-25 के पहले महीने में ही GST कलेक्शन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं, आंकड़ों के अनुसार अप्रैल के महीने में GST कलेक्शन पहली बार 2 लाख करोड़ रुपए के पार चला गया है, पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें 12 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि देखने को मिली है, जबकि पिछले साल अप्रैल के महीने में GST कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपए के पार गया थाक, उसके बाद ये रिकॉर्ड किसी महीने में नहीं टूट सका, लेकिन नए वित्त वर्ष 2024-25 के पहले ही महीने में देश ने GST कलेक्शन के मामले में इतिहास रच दिया है, पहली बार कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है, आइए जानते है आखिर मौजूदा समय में GST में किस मद में कितना पैसा मिला है.

आपको बता दें आज से पहले GST कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए पर कभी नहीं पहुंचा है, GST कलेक्शन में साल-दर-साल 12.4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है, रिफंड के बाद, अप्रैल 2024 के लिए नेट GST रेवेन्यू का आंकड़ा 1.92 लाख करोड़ रुपपए है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17.1 फीसदी ज्यादा है, इसके साथ ही अप्रैल में केंद्रीय GST संग्रह 43 हजार 846 करोड़ रुपए और राज्य GST 53 हजार 538 करोड़ रुपए रहा, एकीकृत GST 99,623 करोड़ रुपए रहा जिसमें आयातित वस्तुओं पर कलेक्शन 37 हजार 826 करोड़ रुपए शामिल हैं, वहीं, उपकर संग्रह 13 हजार 260 करोड़ रुपए रहा, जिसमें आयातित वस्तुओं पर कलेक्शन 1,008 करोड़ रुपए शामिल हैं, GST कलेक्शन में हुए रिकॉर्ड स्तर के इस इजाफे पर आपकी की क्या राय है हमें कमेन्ट कर के जरुरु बताए और आज की सबसे बड़ी खबर देखने के लिए इस वीडियो पर क्लिक करें।

एक रिपोर्ट की माने तो मिजोरम में GST कलेक्शन में 52 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला है, पिछले साल जहां मिजोरम में जीएसटी कलेक्शन 71 करोड़ रुपए देखने को मिला था, जो इस साल में 108 करोड़ रुपए देखने को मिला है. वहीं बात लक्षद्वीप की करें तो जीएसटी कलेक्शन में 1 करोड़ रुपए देखने को मिला है. जबकि पिछले साल की समान अवधि में 3 करोड़ रुपए देखने को मिला था, अप्रैल के महीने में राज्यों से आया कुल GST कलेक्शन 1,71,433 करोड़ रुपए देखने को मिला है. जबकि पिछले साल अप्रैल के महीने में यह आंकड़ा 1,51,162 करोड़ रुपए देखने को मिला था. इसका मतलब है कि इस साल अप्रैल के महीने में 13 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिला है.

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